Friday, 25 July 2014

४-गौ-संहिता

४-गौ-संहिता
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१.महर्षि चरक के अनुसार गौदुग्घ ताकत समृद्धि एंव स्वास्थय के लिए गौदुग्ध को ही सर्वश्रेष्ठ आहार माना है

२.दूध मानव जाति मिली एक अमूल्य अनुपम भेंट है ।गौदुग्ध,घी,दही,के सेवन से पूर्व में व्यक्ति बुद्धिमान,निरोगी एंव शक्तिमान होते थे गौदुग्ध के अभाव में आज समग्र भारत देश में जनता कुपोषणएंव नानाप्रकार के रोगों से ग्रस्त है।

३.आँखों में दर्द होने पर गौदुग्ध की पट्टी आँखों पर रखने से दर्द समाप्त होता है।

४.गौदुग्ध एक कटोरे में लेकर पुरे शरीर पर माँलिश कर नहाने से अनेक रोगों से मु्क्ति मिलती है एंव चमड़ी गोरी ,चमकीली व तेजस्वी बनती है।

५.चाका,गुलामओर कल्लु पहलवान की त्रपुटी किनकरसिंह ओर लीम्बुसिंह,गामा ओर गम्मूअहमद बक्श ओर इमाम बक्श आदि यह सब कुश्ती के पारंगतो ने सन् १९४० भारत की कीर्ति को विश्व में फैलाया ओर अपराजित रहे ये लोग प्रतिदिन गौदुग्ध व गौघृत का सेवन कर शक्ति अर्जी की थी

६.गौदुग्ध के सेवन पौष्टिकता प्राप्त होती है कि अन्य किसी द्रव्य आवश्यकता नहीं रहती है,क्योंकि यह सम्पूर्ण आहार है ।

७.वैज्ञानिक मतानुसार गौदुग्ध में आठ प्रकार के प्रोटीन ,इक्कीस प्रकार के ऐमीनो एसिड ,ग्यारह प्रकार के चर्बीयुक्त एसिड है ।

९.गौदुग्ध में छ: प्रकार के विटामिन,पच्चीस प्रकार के खनिज तत्व ,आठ प्रकार के किण्वन, दो प्रकार की शर्करा,चार प्रकार के फास्फोरस यौगिक और उन्नीस प्रकार के नाईट्रोजन होते है ।

१०.विटामिन -ए-१'करोटीन डी-ई,टोकोकेराल विटामिन बी-१'बी-२'रिवोफलेविन बी-३'बी-४तथा विटामिन सी है ।खनिजों में कैल्शियम ,फास्फोरस,लौहतत्व ,तांंँबा,आयोडीन,मैग्निज,्कलोरिन,सिलिकांॅन मिले हुए है ।



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