Tuesday, 13 January 2015

(७)-गौ -चि०- दमारोग ।

(७)-गौ -चि०- दमारोग ।

सर्दी में दमा रोग
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कारण व लक्षण - पशु को काफ़ी दिन तक अपचन रहने को कारण से भी पशुआो को दमा हो जाता है । अधिक दौड़ाने या अधिक श्रम लेने व अनियमित श्रम लेने से भी उसकी साँस की गति में अन्तर आ जाता है । श्रम लेने के बाद एकदम ठन्डा पानी पी लेने से भी यह रोग होता है । पशु को सर्दी में रात को अधिक साँस चलती है और दिन में कम हो जाती है ।

१ - औषधि - तुलसी के पत्ते ३० ग्राम , सरसों का तेल ३६० ग्राम , कालानमक ६० ग्राम , हींग ९ ग्राम , सभी को बारीक पीसकर छान लें और तैल में मिलाकर ,गरम करना चाहिए तथा गुनगुना होने पर इस खुराक को रोगी पशु को दोनों समय पिलाना चाहिए ।

२ - औषधि - लहसुन ३० ग्राम , घुड़बच ६० ग्राम , अदरक या सोंठ २४ ग्राम , गुड़ २४० ग्राम , हल्दीपावडर ३६ ग्राम , काला नमक ३६ ग्राम , इन्द्रायण फल ९ ग्राम , पानी डेढ़ लीटर , सभी को बारीक पीसकर पानी में मिलाकर गरम करके काढ़ा बना ले , पानी आधा रह जाने पर बिना छाने ही इस खुराक को दोनों समय ,आराम आने तक पिलाना चाहिए ।

३ - औषधि - बतीसाचूर्ण १२० ग्राम , मीठा तैल ६०० ग्राम , दोनों को मिलाकर गरम करके , गुनगुना होने पर सुबह - सायं आराम होने तक पिलाना चाहिए ।



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