Tuesday, 13 January 2015

( ३२ ) - गौ- चिकित्सा - अँजीर रोग ।

( ३२ ) - गौ- चिकित्सा - अँजीर रोग ।

अँजीर रोग
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४ - अंजीर बेलरोग -( गले में बड़ी -बड़ी गाँठें बन जाना और पककर फूटना ) --:- तूतीया ( नीला थोथा ) -३० ग्राम , मूर्दा सिंह-२० ग्राम , सफ़ेद तैल - १०० ग्राम , पीस छानकर तीनों को आपस में मिलाकर मरहम बना ले ।
गाँठों पर प्रतिदिन मरहम लगाये पर ध्यान रहें कि हम हाथ से न लगावें क्योंकि लगाने वाले को नुक़सान हो सकता है ।

५ - अंजीर बेल -- तूतीया -३० ग्राम , मूर्दा सिंह - १० ग्राम , बबना का तैल - १०० ग्राम , तारपीन का तैल ५० ग्राम , पीस छानकर चारों को आपस में मिलाकर मरहम बना लेवें । प्रतिदिन गाँठों पर लगाये लाभ अवश्य होगा। इसे भी हाथ से न लगायें ।



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